गज़ल

 


कीर्ती चौरसिया

फिर से बहार आएगी, अपने भी शहर में।

डरते हुए सब लोग फिर न होंगे जी घर में।।


कोरोना को हरा के होंगे कामयाब हम।

मत सोचिए कब तक रहेंगे और कहर में।।


आई है बैक्सीन इसे आप लगाओ।

मानव के लिए, बन रही अमृत ये जहर में।।


हिम्मत हमारी कामयाब हमको करेगी।

बस हौसलों का साथ हो, हर एक पहर में।।


फिर से सजेंगी गुमठियां, फिर चाट खाएंगें।

फिर आएगी रौनक सभी दीवार ओ दर में।।


दुनिया में हमारी ही बैक्सीन छा गई।

हम कामयाब हो गए दुनिया की नजर में।।


रखिए बनाए हौसला, हिम्मत न हारिए।

हमको मिलेगी कीर्ती कोरोना समर में।।


कीर्ती चौरसिया

 जबलपुर (मध्य प्रदेश)

Popular posts
अस्त ग्रह बुरा नहीं और वक्री ग्रह उल्टा नहीं : ज्योतिष में वक्री व अस्त ग्रहों के प्रभाव को समझें
Image
ठाकुर  की रखैल
Image
जीवीआईसी खुटहन के पूर्व प्रबंधक सह पूर्व जिला परिषद सदस्य का निधन
Image
प्रेरक प्रसंग : मानवता का गुण
Image
साहित्यिक परिचय : श्याम कुँवर भारती
Image