मैं रावण हूँ

डॉ. अर्चना दुबे 'रीत'

मैं रावण हूँ, मैं रावण हूँ

रामायण का खलनायक हूँ

मैं रावण हूँ ।


थी कमियां मुझमें लाख सही

अपराध भी मुझसे बहुत हुई

मद में अपने मदमस्त था मैं

रण कौशल में जबरदस्त था मैं

मैं रावण हूँ

रामायण का खलनायक हूं।

जाना जब रामवतार हुआ

विष्णु के रुप में लाल हुआ

दशरथ के घर भगवान हुआ

उस समय का मुझको ज्ञान हुआ

कुछ समय का मैं मेहमान हुआ

मैं रावण हूँ

रामायण का खलनायक हूँ ।

आश्चर्य मुझे यह जान हुआ

खर, दूषण का नाम समाप्त हुआ

नर मार नहीं सकता उनको

नारायण का अवतार हुआ 

मैं रावण हूँ

रामायण का खलनायक हूँ

माना की मैंने गलत किया

*जानकी* हरण का दाग लिया

जब लक्ष्मी रुप को याद किया

लंका का ही उद्धार किया 

 प्रभु हाथ से सबको तार दिया

श्री राम सिया जयकार किया

मैं रावण हूँ, मैं रावण हूँ

रामायण का खलनायक हूँ ।


*डॉ. अर्चना दुबे 'रीत'*✍️

 मुम्बई

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