"समय बड़ा बलवान है पर"


भावना ठाकर 'भावु'

आज वक्त जीत रहा है कल हमें वक्त को हराना है, ज़िंदा रहने के लिए जीतना है। हर रोज़ एक-एक करके कई नाम हम से बिछड़ रहे है। दिल घबरा रहा है, मन उद्विग्न हो उठता है फिर भी जो पीछे रह जाते है उसे हर हाल में जीना है। ज़िंदगी रुकती नहीं, चलने का नाम है ज़िंदगी। बह रहे वक्त की धार के साथ हमें भी बहना है क्या कर सकते है। सोच को सकारात्मक ऊर्जा से भर कर चलेंगे तो आसान रहेगा सफ़र।

शाश्वत कुछ नहीं, नश्वर को अपना लो ये समय भी नष्ट हो जाएगा। भोर के खिलते ही तमस को हारना है, हमें इस उम्मीद के साथ टिके रहना है। मन का हारा तन से भी हार जाता है। इसलिए हर हर परिस्थिति में धैर्य और हिम्मत बनाएं रखना है। ज़िंदगी बहुत किंमती है साँस साँस जरूरी है आज हर कोई मौत से रुबरु हो रहा है ये बात सबको समझ आ रही है कि खुद को संभालना जरूरी है। इसलिए भीतरी उर्जा को पहचानों, द्रढ़ मनोबल शरीर से वही करवा सकता है जो मन चाहता है। एक बार मन कमज़ोर पड़ेगा तो नखशिख बिमार हो जाओगे। जिजीविषा को ज़िंदा रखो, उम्मीद का दामन थामें रखो हारना नहीं हराना है वाले हौसले में सकारात्मकता का तेल सिंचते रहो और कदमों को वक्त की रफ़्तार के साथ अड़ग रखो।

हारकर बैठना नहीं सही समय को वापस लाना है। ईश्वर पर श्रद्धा जीवन जीने का सबसे बड़ा सहारा है, उस शक्ति का हाथ थामें रहो हर हाल में आपको बचाएगी। ज़िंदगी सुहाना सफ़र है ज़िंदगी को कुछ यूँ महसूस करो, ज़िंदगी नृत्य है, ज़िंदगी संगीत है, ज़िंदगी सुर है, ज़िंदगी इन्द्र धनुष के हर रंग सी रंगीन है, "ज़िंदगी को महसूस करो"

आँखें मूँद कर रूह को सुकून के साँचे में ढ़ाल दो, चिंता को आराम की जरुरत है। हल्की मुस्कान की चद्दर पर लिटा कर सुला दो चिंता को कुछ प्यारी सी धुन सुनाकर, और खुद हल्के संगीत की तान सुनते आँखें मूँदे पड़े रहो। विचार रथ के सारथी बनकर खुद की लगाम थाम लो। गहरी साँस लेकर अपने आसपास में तैर रही सकारात्मक ऊर्जा को नखशिख साँसों में भर लो, इस पल में सिर्फ़ प्रार्थी बने रहो उस शक्ति के चरणों में खुद को सौंप कर। मन को सुविचारों के हिरक कण से भरकर जिसने आपको सहारा दिया हो उस हर एक व्यक्ति के प्रति धन्यवाद के सुर को आलाप देते रोशनी की ओर प्रस्थान करते सुंदर कलात्मक सपनों को आँखों में भर लो।

अपने आसपास शांति का वर्तुल रचकर 

पथिक बन जाओ ॐ के उच्चारण के साथ अपनी हर एक साँस को सुगंधित महसूस करते एक सफ़र पर निकल जाओ, जो पहुंचाता है मन को शांति ओर सुकून सभर स्वरचित स्वर्ग की ओर। अब हर तकलीफ़ से निजात पाओ।

भावना ठाकर 'भावु'

बेंगुलूरु

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