हमसफर

 


श्वेता शर्मा 

ये मेरे हमसफर

मुझे अपने हर दर्द का हमदर्द बना लो

दिल के किसी कोने में बस लो

तेरे सब दुख मैं हँस के पी लुँगी

तेरे संग ये जीवन जी लुँगी


ये मेरे हमसफर

मुझे अपना हमराज बना लो

तेरी हर बात सीने में छुपा लुँगी

तेरे राज को अपना बना लुँगी

तेरे संग ये जाम पी लुँगी


ये मेरे हमसफर

मुझे अपनी धड़कन बना लो

इस दुनिया से मुझे छुपा लो 

तेरे साथ मेरी साँसे भी चलती रहेगी

तेरे साथ ज़िन्दगी कटती रहेगी


ये मेरे हमसफर

मुझे अपनी मुहब्बत बना लो

मुझे अपने रोम रोम में बसा लो

तेरे प्यार तले जीवन कट जाएगा

तेरे साथ से ये जीवन सँवर जाएगा

ये जीवन सँवर जाएगा


श्वेता शर्मा 

रायपुर छत्तीसगढ़

स्वरचित

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