माई बिना

विद्या शंकर विद्यार्थी 

हमरा माई बिना घरवा अन्हार लागता 

डूबल मतलब में सारा संसार लागता 

जतना धेयान देत रही हमार माई

जिनिगी के हरदम देखवली हराई

छोड़त देवाल में बा चाट खन्हार

लागता

डूबल मतलब में.. .।


देली मुस्कान माई हँसे के चिन्हासी 

घरहीं में देखिहऽ बबुआ मथुरा आ काशी 

मधुर बोलिया माई के लसदार लागता 

डूबल मतलब में.... ।


माई कहँवा गइली तलाशे कहँवा जाईं 

रहल ना हुलास ऊ हुलासे कहँवा जाईं 

घर के कोना कोना रोशनी के हार लागता 

डूबल मतलब में...। 




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