अयोध्या से आई महिला लखनऊ मेें बनी जेब कतरी महिलाओ की शिकार


संवाददाता 

लखनऊ। आलमबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत अयोध्या से आई महिला को बैट्री रिक्शा पर बैठना पड़ा भारी। आपको बता दूं कि अयोध्या से दो  महिला एक छोटे बच्चे को साथ लेकर लखनऊ रिश्तेदारी में जा रही थी आलमबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत बस स्टैंड से बैट्री रिक्शा का सहारा लेकर अपने रिश्तेदारी मानक नगर के लिए रिक्शे पर बैठी थी बैटरी रिक्शा चालक द्वारा पांच महिला को और अन्य सवारी के रूप मे बैठा लिया जब रिक्शा चालक मानक नगर के बजाय चारबाग की तरफ बढा तो अयोध्या से आई महिला ने टोका कि उल्टा क्यों ज रहे हो चालक ने कहा कि इन सवारियो को छोड़कर फिर मैं आपको मानक नगर छोड़ दूंगा। मवाइया तिराहे पर पंहुच कर पांच अन्य सवारी के रूप में बैठी महिला उतर गई फिर बैट्री रिक्शा चालक रास्ता न मालूम होने का बहाना करके उह महिला को भी उतर जाने को कहा महिला ने उतर कर जब हैंड पर्स खोलना चाहा तो देखा कि उसमे रखा पैसा  नही है फिर पर्स को टटोलना शुरू किया तो उसमे रखा झुमकी गले का माला व दस हजार रुपए नगदी नही था फिर महिला आलमबाग थाना क्षेत्र के अन्तर्गत बनी मवाइया पुलिस चौकी पर लाई वहां चौकी इंचार्ज नही थे 112 बाइक पर गश्त करने वाला सिपाही तथा एक पत्रकार बैठा था  महिला ने आप बीती बताई तब तक चौकी इंचार्ज गिरजेश गिरी भी आ गये पुलिस चौकी में महिला ने लिखित शिकायत दर्ज करा दी वहां मौके पर बैठे क्राइम रिपोर्टर अटल बिहारी शर्मा ने पीड़ित महिला की बाइट लेकर गहराई से जानकारी लेनी चाही जब बैट्री रिक्शा चालक से पूछताछ करने लगे तो न उसके पास कोई परिचय पत्र था न गाड़ी की कगज न आधार कार्ड न कोई रहने का ठिकाना इतने में चौकी इंचार्ज साहब गुस्सा गये और क्राइम रिपोर्टर अटल बिहारी शर्मा को वहां से चले जाने की हिदायत देने लगे और कहने लगे तुम कौन होते हो पूछताछ करने वाले। सोचने वाली बात ये है कि क्या एक क्राइम रिपोर्टर का क्राइम केस के तह तक जाने का अधिकार नही है सही जानकारी इकट्ठा करके खबर चला के लोगो को सतर्क करके चोर उच्चको जेब कतरो से सावधान कराने का फर्ज नही है क्या पत्रकार वही खबर चलाएगा जो चौकीइंचार्ज या इंस्पेक्टर बतायेगा। उत्तर प्रदेश में आये दिन अपराधिक मामले इन्ही कारणो से बढ़ रहा है कि कुछ पत्रकार कुछ पुलिस अपनी जिम्मेदारी नही निभा पाते और केस के तह तक न जाके मामूली कार्यवाही करके केस को रफा दफा कर देते हैं जिससे अपराधियो के मनोबल बढ़ते है और एक के ऊपर एक अपराधिक घटनाओ का अंजाम देते रहते हैं।उपर बैठे अधिकारी तथा योगी सरकार को पत्रकारो पर दबाव बनाने वालो पर भी उचित कार्रवाई करनी चाहिए तभी पत्रकार निर्भीक होकर खबर दिखा पायेगा और अपराधी भ्रष्टाचारी का भंडाफोड़ कर पायेगा।


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