डीआरडीएल में विश्व हिंदी दिवस समारोह एवं कवि-सम्मेलन - एक रिपोर्ट

 




डीआरडीएल में विश्व हिंदी दिवस का आयोजन दिनांक 12 जनवरी 2021 को किया गया। इस अवसर पर कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया एवं डीआरडीएल की गृह-पत्रिका के 22वें अंक का भी विमोचन किया गया। समारोह का आयोजन डीआरडीएल निदेशक सम्मेलन कक्ष में किया गया । समारोह में कोविड़-19 महामारी के विरुद्ध सुरक्षा सावधानियों का पूरा ध्यान रखा गया। समारोह की अध्‍यक्षता डॉ दशरथ राम, निदेशक, डीआरडीएल ने की। समारोह में ए के वर्मा, सह-निदेशक एवं समूह निदेशक (प्रशासन), कमोडोर एम एल नारायाणा (सेवानिवृत्त), निदेशक प्रबंध सेवाएँ, राशिद अब्बास अंसारी, संयुक्त निदेशक (प्रशासन), अन्य परियोजना निदेशक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, एवं राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे। डॉ अर्चना पाण्‍डेय, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने उपस्थित सदस्यों का स्‍वागत किया। सभी अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। डी भारती, मोनिका सालुंके, स्नेहा एवं डॉ अर्चना पाण्डेय के समूह द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना गीत से सभा का वातावरण पवित्र एवं प्रसन्‍नमय हुआ। डॉ अर्चना पाण्‍डेय, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने अपने स्‍वागत संबोधन में विश्व हिंदी दिवस के बारे में बताया कि विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी दिवस की शुरुआत की गई। प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ था इसीलिए इस दिन को 'विश्व हिन्दी दिवस' के रूप में मनाया जाता है।पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए 2006 में प्रति वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस उद्देश्य से विश्व हिंदी सम्मेलनों की भी शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही उन्होनें डीआरडीएल की विभिन्न राजभाषा गतिविधियों के जानकारी दी।   

कमोडोर एम एल नारायाणा (सेवानिवृत्त), निदेशक प्रबंध सेवाएँ ने अपने संबोधन में मातृ-भाषा के प्रति अपना प्रेम एवं भाषा सीख‌ने की इच्छा होनी चाहिए तथा भाषा का ज्ञान और उससे मिलनेवाले फायदों के बारे में बताया। ए के वर्मा ने अपने उद्बोधन के दौरान कविताएँ एवं साहित्य की महत्‍ता पर प्रकाश डाला तथा कवि- सम्मेलन के दौरान अपनी कविता प्रस्तुत की। समारोह के अध्‍यक्ष डॉ दशरथ राम, निदेशक, डीआरडीएल ने अपने संबोधन में सभी उपस्थित सदस्यों को विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ दी एवं बताया कि साहित्य‍ के साथ-साथ हिंदी को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान और वाणिज्य की भाषा के रुप में उन्नत किया जाए। डीआरडीएल, राजभाषा प्रसार एवं हिंदी भाषा के प्रति प्रतिबद्ध है। ‘अस्त्र’ पत्रिका एवं सीडी का विमोचन कर उन्होनें राजभाषा अनुभाग के सभी अदिकारियों की प्रशंसा की तथा कहा कि राजभाषा द्वारा इस वर्ष की गतविधियों की यह बंपर शुरुवात है तथा इसे बनाए रखना है।

कवि सम्मेलन के लिए हैदराबाद-सिकंदराबाद के प्रसिद्ध कवि डॉ राजीव कुमार सिंह, चंद्रप्रकाश दायमा, भँवरलाल उपाध्याय, तस्नीम जौहर, सुनीता लुल्ला उपस्थित थे। उन्होनें बडे रोचक ढंग से अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने कविताओं का भरपूर आनंद उठाया। डीआरडीएल के वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज कुमार एवं वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ले. कर्नल श्री विनोद कदियान ने भी अपनी कविताएँ सबके सामने प्रस्तुत कीं। सभी कवियों को स्मृति-चिन्ह एवं शॉल से सम्मानित किया गया। 

समारोह का संचालन डॉ अर्चना पाण्‍डेय, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने किया। इस में संदीप युवराज पाटील, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी, विक्रम कटारिया, प्रशासनिक सहायक ‘ए’, नवीन कुमार, प्रशासनिक सहायक ‘ए’, स्नेहा एवं का योगदान महत्वपूर्ण रहा। राशिद अब्बास अंसारी, संयुक्त निदेशक (प्रशासन) के धन्‍यवाद प्रस्‍ताव के साथ समारोह संपन्‍न हुआ।

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