सराफा दुकान में चोरी करने वाले अंतर जनपदीय गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार


शिवम त्रिवेदी


बहराइच। सराफा की दुकान में घुसकर दुकानदार को बहला कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर जनपदीय गैंग का देहात कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से एक कार, चांदी के जेवरात व नगदी बरामद हुई है। पकड़े गए गैंग के तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इनके खिलाफ कई अन्य जिलों में भी चोरी के मुकदमे दर्ज हैं, जिसको पुलिस खंगाल रही है।


देहात कोतवाली क्षेत्र के बहादुरचक में बीते दिनों एक सराफा की दुकान में कुछ महिलाएं व पुरुष सामान खरीदने के बहाने दुकानदार को बहला कर दुकान से जेवरात चोरी करके फरार हो गए थे। देहात कोतवाली पुलिस को इस गैंग की काफी दिनों से तलाश थी।शुक्रवार को मुखबिर से देहात कोतवाल बृजेश पांडेय को सूचना मिली कि सीतापुर से कुछ संदिग्ध लोग कार में सवार होकर बहराइच की ओर जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए देहात कोतवाल ने एसआई अमित प्रकाश यादव, सिपाही नरोत्तमपुरी व महिला सिपाही दुर्गा पाठक और शिखा देवी को टिकोरामोड़ तिराहे के पास भेजा। इसी दौरान एक कार आती हुई दिखाई दी।


टीम ने रोकने का इशारा किया तो कार की रफ्तार बढ़ा दी गई। पुलिस ने घेराबंदी करके गाड़ी को रुकवाया। तलाशी के दौरान एक कार, एक चांदी की पायल, चार बिछुआ, दो कील व 1960 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में इनकी पहचान जनपद खीरी के थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के पिपरिया बाईपास निवासी साजन उर्फ सत्य प्रकाश पुत्र अशोक कुमार वर्मा, दुर्गा उर्फ दीप्ती पत्नी दीपक व मोहनी उर्फ मझिली पत्नी बाबू के रूप में हुई। दुर्गा थी गैंग की सरगना


पुलिस के मुताबिक गैंग में शामिल महिला दुर्गा गैंग की सरगना थी। यह ही तय करती थी कि कब और किस जिले में दुकानदारों को बहलाकर चोरी की घटना को अंजाम देना है। महिला काफी शातिर दिमाग की है।


नाम से करती थी खेल


पकड़ी गईं महिलाएं अपने दो नामों का इस्तेमाल करती थीं। कभी किसी दुकानदार को कुछ नाम बतातीं तो कभी कुछ। इसलिए दोनों महिलाएं व पुरुष अपने नाम के साथ एक और नाम जोड़ रखे हैं।


ऐसे करती थीं चोरी


पुलिस के मुताबिक यह गैंग ऐसी दुकानों पर जाता था। जहां पर चार पहिया वाहन खड़ा हो सके। वाहन दिखाने का मकसद सिर्फ इतना होता था कि दुकानदार शक न करें कि ऐसे लोग चोरी कर सकते हैं। पहले महिलाएं ज्यादा जेवरात निकलवाकर सामने रखती थीं। उसके बाद वह दुकान के लास्ट में रखे सामान को मांगती थी। जब दुकानदार सामान को लेने के लिए पीछे मुड़ता, बस इतने में ही सामान को उठाकर अपने पास रख लेती थी।


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