मखान अनुसंधान केंद्र दरभंगा को राष्ट्रीय दर्जा मिले -डॉ अशोक कुमार सिंह   

                                                                        


मीर शहनवाज


दरभंगा। मिथिला के किसानों के विकास के लिए पान, माछ, और मखान पर आधारित उद्योग की विस्तार के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का स्वागत करते हुए बिहार प्रदेश जनता दल यू शिक्षा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा मखाना उत्पादक किसानों के लिए अमूल्य उपहार है। मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा, लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर और आम अनुसंधान केंद्र सबौर, भागलपुर में तत्कालीन कृषि मंत्री नीतीश कुमार के प्रयास से स्थापना पूर्व मे ही की गई थी। तत्कालीन कृषि मंत्री नीतीश कुमार को किसानों के विकास के लिए समता पार्टी के बैनर तले तत्कालीन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में अनुसंधान केंद्र स्थापना के लिए स्मारित किया गया था। नीतीश कुमार का संकल्प मिथिला के विकास के बिना पूरे बिहार का संभव नहीं है और बिहार के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है, सच साबित हो रहा है । सन 2002 में इसे आईसीएआर 16 वैज्ञानिकों के साथ 80 टेक्निकल स्टाफ के साथ स्थापना ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस से किया गया था । सन 2007 में इसका क्षेत्र एवं अधिकार को छोटा कर महज एक केंद्र के रूप में बनाया गया। मखाना शोध संस्थान में मखाना उत्पादाको के प्रशिक्षण एवं विकास के लिए कई तरह के सेमिनार का आयोजन किया गया था पर सारे गतिविधि पर रोक लगाकर इसके कार्य क्षेत्र को छोटा कर मखाना उत्पादों के हौसला को कम कर दिया। प्रधानमंत्री के प्रयास द्वारा मिथिलावासियों के किसानों के विकास के लिए मिथिला मखाना की जी.आई. टैगिंग बिहार गौरव मिथिला मखाना एक ऐतिहासिक कदम है। बिहार प्रदेश जनता दल यू शिक्षा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार सिंह ने आदि बातें रखते हुए कहा मखाना अनुसंधान केंद्र का राष्ट्रीय दर्जा होने से मखाना उत्पादक किसानों को लाभ मिल सकता है, जिससे मजदूरों और किसानों का पलायन भी रुक सकता है।


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