जलभराव से परेशान लोग बेच रहे मकान


बहराइच। शहर में बारिश के दौरान सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। जलभराव की यह समस्या शहर में कई साल से बनी हुई है। जलभराव की समस्या से परेशान नव्वागढ़ी मोहल्ले के तमाम लोगों ने अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगह आशियाने बना लिए हैं। साथ ही घर के आगे यह मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगा दिए हैं। वहीं, बारिश के दौरान तालाब बन जाने वाले शहर की सूरत को संवारने के लिए मुख्यमंत्री सख्त हो गए हैं।जलभराव की समस्या को संज्ञान में लेते हुए सीएम ने मंडलायुक्त के साथ बैठक कर इसका स्थायी समाधान निकाल कर समस्या दूर कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश पर जिले के अधिकारी शहर मैं होने वाली जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने में जुट गए हैं। पूर्व मंत्री व सदर विधायक अनुपमा जायसवाल के लगातार तीन साल के प्रयास के बावजूद शहर की तस्वीर नहीं बदल पाई। मुख्यमंत्री के दखल देने के बाद अब शहरवासियों में जलभराव की समस्या से निजात पाने की उम्मीद जग गई है।


शहर की आबादी लगभग चार लाख है। बारिश के महीने में शहर टॉपू सा नजर आता है। चारों ओर जलभराव हो जाता है। शहर में एक घंटे की बारिश में डिगिहा तिराहे से लेकर पानी टंकी तिराहे तक व अस्पताल चौराहे से लेकर पुलिस लाइन रोड पर घुटनों तक पानी भर जाता है। यह हालत तब है, जब शहर के अस्पताल चौराहे पर पूर्व मंत्री व सदर विधायक अनुपमा जायसवाल का विधानसभा क्षेत्र कार्यालय व आवास स्थित है। शहर का घसियारीपुरा मोहल्ला कई साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। सदर विधायक ने चुनाव के दौरान मोहल्लेवासियों से समस्या से निजात दिलाने का वादा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वादे फाइलों में बंद हो गए। बारिश के दौरान आवाज उठी तो तुरंत बयान सामने आ जाता कि प्रोजेक्ट बनाकर भेज दिया गया है। पास होते ही कार्य शुरू हो जाएगा।


सरकार के तीन साल हो गए, लेकिन सदर विधायक शहर की जलभराव की समस्या को फाइलों से धरातल तक नहीं उतार पाई हैं। जलभराव की समस्या से परेशान शहरवासियों के लगातार शिकायत करने व निजात दिलाने की मांग को सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया। मंडलीय समीक्षा के दौरान सीएम ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि बहराइच शहर में होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाल कर इसे दूर किया जाए। शहर के जलभराव की समस्या को मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद जिले के अधिकारी कार्ययोजना बनाने मैं जुट गए हैं। वहीं, जलभराव की समस्या से परेशान नव्वागढ़ी मोहल्ले के तमाम लोगों ने अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगह आशियाने बना लिए हैं। साथ ही घर के आगे यह मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगा दिए हैं। विधायक से टूटी आस, मुख्यमंत्री पर विश्वास


शहर के रितिक वाल्मीकि व बीडी मिश्रा कहते हैं कि घसियारीपुरा व नव्वागढ़ी मोहल्ला जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। यह समस्या पिछले डेढ़ दशक से चली आ रही है। सदर विधायक के प्रयास से काम हुआ, लेकिन राहत कुछ नहीं मिली। जलभराव की समस्या अभी भी बरकरार है। बब्लू व सहदेव प्रसाद मिश्रा कहते हैं कि तीन साल से विधायक प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे अब आस टूट गई थी। अब मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लिया है तो पूरा विश्वास है कि अब समस्या से निजात मिल जाएगी।


तो ऐसे बनी जलभराव की समस्या


शहर के मुख्य तालाबों को पाटकर आवासीय क्षेत्र में शामिल कर दिया गया। समाजसेवियों ने आवाज उठाई तो आवाज अभी तक फाइलों में बंद पड़ी है। शहर के नव्वागढ़ी, कानूनगोपुरा व कटी चौराहे के पास तालाब बना हुआ था, लेकिन अब यहां पर तालाब को पाटकर आवासीय क्षेत्र में बदल दिया गया।


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