हिन्दी


हिंदी ही तो मेरी, मान है


हिंदी ही तो मेरी, शान है,


है मौर, मुकुट,भी हिंदी मेरी


हिंदी ही तो मेरी पहचान है ।


 


"प्रेम चन्द" की कहानी हिन्दी है


 "भारतेंदु "की बानी हिंदी है


  बचपन में सुना था जो लोरिया


  वही नानी की जुबानी हिंदी है ।


 


   शीतल जल की गगरी हिंदी है


    भाव से भरी इक डगरी हिंदी है,


     शब्द शब्द है झूमते जहां पर


    ऐसी पावन इक नगरी हिंदी है ।


 


    


  झांसी की है वीरता हिंदी में


  राणा की है धीरता हिंदी में,


  वीरो की यह धरती है हिन्द


 वीर गाथाएं लिखी हैं हिंदी में ।


 


    समन्दर सी गहराई हिंदी में 


    सारी भाषाएं है आई हिंदी में,


    सर्व श्रेष्ठ, यह भाषा है हिंदी


    है सकल, श्रृष्टि समायी हिंदी में ।


 


 


  


     स्वरचित


नीरज कुमार सिंह


  देवरिया यू पी


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