समझदारी

 



एक लड़का एक लड़की एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे .लड़के का नाम अमित था और लड़की का नाम किरन .. दोनों शादी भी करना चाहते थे . दोनों ने अपने घर में बात की घर वाले तैयार हो गए शादी भी हो गई दोनों ही बहुत खुश थे उनके घर वाले भी बहुत खुश थे।
लेकिन किरन और उसकी सास में बिल्कुल भी नहीं बनती रोज कुछ ना कुछ झगड़ा या कोई बात हो ही जाती। पहले तो इन बातों को किरन इग्नोर करती रही . लेकिन अमित बहुत परेशान होता रोज रोज झगड़ा देख कर वह और भी परेशान था ऑफिस जाता काम में उसका मन नहीं लगता। वह अपनी पत्नी और अपनी मां के बारे में ही सोचता रहता कि किसी तरह झगड़ा बंद हो। लेकिन ऐसा नहीं होता रोज झगड़ा होता तभी उसने फैसला किया कि वह अपनी फैमिली से अलग रहेगा ‌ उसकी पत्नी यह जानकर पहले तो बहुत खुश हुई . ,,,, लेकिन बाद में ....
सोचने लगी क्या यह ठीक रहेगा हम अलग रहेंगे ...पहले अपना घर छोड़ आई और अब ससुराल भी छोड़ दूं . लेकिन उसका पति भी मन ही मन अपनी फैमिली को नहीं छोड़ना चाहता था । अपनी पत्नी को खुश देखने के लिए अपनी फैमिली से अलग रहना चाहता था .., फिर एक दिन अपनी पत्नी से बोला आज सामान पैक करो शाम को हम अलग रूम में रहेंगे . दिन में उसकी पत्नी सामान पैक करने लगी तभी उसने सोचा जब वह अपना परिवार छोड़ कर आई थी तो उसे कितनी तकलीफ हुई थी बहुत रोई थी वह आज जब उसका पति अपनी फैमिली से अलग होगा . वही तकलीफ उसे भी होगी उसने सामान पैक नहीं किया और घर के काम में लग गई शाम को उसका पति आया तो बोला तुमने सामान क्यों नहीं पैक किया .
किरन बोली की मैं इस घर को छोड़कर नहीं जाऊंगी अपनी फैमिली से दूर नहीं रहूंगी एक बार अपनी फैमिली को छोड़ कर आई पर दोबारा नहीं छोड़ सकती लड़ाई झगड़े तो हर घर में होते हैं तो क्या सब घर छोड़ देते हैं ...


किरन  अमित से बोली की तुम खुद बताओ अपनी माँ से दूर हो कर क्या खुश रहोगे या तुम्हारी माँ खुश रहेगी जिसने तुमको जन्म दिया हैं बचपन से तुमको खिला पिला कर आज इतना बड़ा किया . क्या उसे तकलीफ़ नही होगी .
यह सब सुनकर अमित की आंखों में आंसू आ गए तभी उसकी पत्नी बोली मुझे पता है मां से अलग होने का दर्द क्या होता है आज मैं एक पत्नी हूं कल मैं भी मां बनूँगी मेरा भी लड़का होगा अगर वह अलग होगा मुझे भी दर्द होगा मेरा भी दिल रोएगा तभी किरन की सास ये सब सुनकर उसे गले से लगा लिया और बोली बहू आज से सारे झगड़े खत्म तुमने मेरी आंखे खोल दी अब हम कभी झगड़े नही करेंगे आपस में मिल कर रहेंगे एक मां बेटी की तरह सब बहुत खुश हो गये ,,,,,,?
अगर औरत चाहें तो किसी को भी बदल देगी कोई इन्सान हो या ससुराल हो।


ठाकुर रेखा राजीव


 


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