भरोसा

मृदुला कुशवाहा

"अरे! काजल बिटिया, आज कहाँ जा रही हो? अब तो नौकरी छोड़ दी हो ना?"

काजल पीछे मुड़कर- "हाँ पापा, आज मैं अपने बकाये पेमेंट का हिसाब करने जा रही हूँ।"

- "ठीक है बेटी जाओ, अपना हिसाब करके आओ और हाँ, ज्यादा उलझने की जरूरत नहीं है। तुम्हें मोबाइल शॉप के मालिक बेइज्जत करके निकाले हैं...लेकिन! बेटा बैग लेकर...." 

काजल -  "हाँ पापा, आज कॉलेज में परीक्षा का फॉर्म भी भरा जा रहा है, तो कालेज भी जाना है और आप मेरी टेन्शन बिल्कुल मत लिजियेगा। आपकी बिटिया इतनी कमजोर नहीं है।" 

अनिल अपनी बिटिया के सिर पर हाथ रखते हुए- "तुम जैसी बेटी के रहते मुझे किस चीज की टेन्शन..... हाँ, लेकिन जल्दी से जाओ और समय से आ जाना।" 

काजल चली गई, तो अनिल बैठक रूम में आकर सोफे पर बैठकर पुरानी बातों को याद करने लगे...... 

अनिल के तीन बच्चे थे। 

एक बेटी काजल और दो बेटे, जो काजल से छोटे थे। 

कुछ साल पहले अनिल की पत्नी का देहांत हो चुका था। 

और वह अपने बच्चों की खुशी के लिए दूसरी शादी नहीं किए। 

काजल एक जिम्मेदार लड़की थी। 

वह जैसे ही इंटर की पढ़ाई खत्म की और कॉलेज में एडमिशन ली, तो साथ में एक मोबाइल शॉप के दुकान पर नौकरी भी करने लगी, ताकि अपने पापा की थोड़ी मदद कर सके। 

अनिल भी प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे और उतनी कमाई नहीं कर पाते थे कि घर के खर्च और तीन बच्चों को ठीक से पढ़ा सकें। 

लेकिन काजल की मदद से अब अच्छे से सब चल रहा था। 

अनिल खुश थे कि उन्हें काजल जैसी बेटी मिली। 

शाम हो गया और काजल अभी तक नहीं आई, तो अनिल  की बैचेनी बढ़ने लगी और बार-बार काजल के मोबाइल पर फोन भी कर रहे थे। लेकिन ... मोबाइल ऑफ बता रहा था। 

कुछ ही समय पश्चात अनिल के व्हाट्सएप पर काजल  की कुछ तस्वीरें मिलीं,  जिसमें उसके चेहरे और सिर से खून बह रहा था, आंखों पर कपड़ा बंधा था और साथ में एक संदेश भी था, जिसमें उसकी हत्या की बात लिखी थी। 

अनिल घबड़ा गये और तुरंत पुलिस थाने पहुँच कर रपट लिखवाए और मोबाइल पर आए फोटो दिखाकर बोले.... "सर मोबाइल शाप पर कुछ विवाद चल रहा था और मेरी बेटी अपने बकाये पेमेंट का हिसाब करने गयी थी और मालिक ने उसकी हत्या करवा दी।" 

पुलिस भी फोटो देखकर सकते में आ गयी कि इतनी निर्दयता से उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर मुआयना किया, तो वहाँ पर ऐसा कुछ नहीं मिला कि साबित हो कि काजल की हत्या की गई है। 

मोबाइल के मालिक और कुछ कर्मचारियों को रिमांड पर लाकर पुछताछ हुई, लेकिन विवाद जैसी कोई बात नहीं हुई थी। 

काजल के मोबाइल का डीपीआर निकालकर खोजबीन शुरू हुआ। 

शहर के कुछ जगहों पर सी.सी.टी.वी. कैमरा देखने पर पता चला कि काजल पीठ पर बैग टांगे कहीं जा रही थी। 

उसका मोबाइल का लोकेशन भी शहर तक ही मिल पा रहा था। 

अनिल के अनुसार उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है और पुलिस के अनुसार उनकी बेटी जिंदा है और वह दूसरे शहर में है और हो सकता हो कि उसका अपहरण कर के शहर के बाहर कैद कर के रखी गई हो। 

या मामला कुछ और हो ...... 

काजल जब घर शाम को नहीं आई और अनिल जब फोन किए तो...मोबाइल ऑफ था और फिर कुछ ही देर में काजल के ही नम्बर से उसका फोटो अनिल के मोबाइल पर आया। 

एक महिला ने दावा किया कि उसने काजल को एक लड़के के साथ ऑटो में देखा था और दोनों कहीं जा रहे थे। 

काजल अपने मुंह को दुपट्टे से ढ़की थी और लड़के से बात कर रही थी। 

पुलिस हर जगह जांच की और कहीं से भी हत्या का सुराग नहीं मिला। 

पुलिस को पता चला कि अनिल अपने बच्चों को सख्ती और कड़ी अनुशासन में रखते थे। 

पुलिस को एक और शक था कि काजल के पास एक और दूसरा मोबाइल और नम्बर था और उसके बारे में अनिल और उनके परिवार को भी नहीं पता था। 

इधर अनिल टूट चुके थे कि उनकी बेटी को किस बात की सजा मिली। 

मामला सी.एम. सीटी का था और इसलिए पुलिस ज्यादा सक्रिय थी और काजल के बारे में पता लगा रही थी। 

और पांचवे दिन ही काजल और उसका प्रेमी मोहन दोनों रेलवे स्टेशन से पुलिस के हत्थे चढ़ गये। 

दोनों कोर्ट मैरिज शादी करने आये थे। 

काजल का प्रेमी यूट्यूब से नकली खून बनाने का तरीका सीख ग्लिसरीन व लाल रंग मिलाकर नकली खून तैयार किया था 

और काजल के ऊपर उड़ेल कर उसे हत्या का रंग देकर और हत्या की झूठी तस्वीर देकर भ्रम फैलाया था। 

काजल और मोहन एक साल पहले सिंगर एप मेकर पर मुलाकात हुई थी और दोनों एक दूसरे से लाइव चैट और फिर दोस्ती और फिर प्यार कर बैठे। 

मोहन दूसरे शहर का था और एक बार मुलाकात करके लौट गया और दूसरी बार एक मोबाइल और सिम दे गया और तीसरी बार में लेकर फरार हो गया। 

काजल के घर से भागने की कहानी फिल्मी थी। 

काजल उस दिन जब घर से निकली और बोली थी कि जिस आफिस में काम करती है, वहां विवाद चल रहा है, वह अपना हिसाब करने जा रही है। 

वह घर से अपने सामान, मार्कशीट व अन्य दस्तावेज भी साथ ले ली थी। 

और शहर में ही एक जगह उसका प्रेमी मिला और दोनों ऑटो से जंगल में गये और फिल्मी स्टाइल में मौत होने की फोटो बनाई। 

काजल अपनी सिम और मोबाइल दोनों वही तोड़ कर फेंक दी और फिर मोहन के साथ उसके शहर भाग गयी। 

फिर दोनों जब कोर्ट मैरिज करने आ रहे थे, तो पुलिस के हत्थे चढ़ गये। 

मोहन जेल जाने के बाद भी बोला....."वह काजल से शादी जरूर करेगा। जेल से छूटते ही वह काजल का साथ कभी नहीं छोड़ेगा।" 

और ......

हत्या का नाटक रचकर प्रेमी के साथ रह रही काजल के इस सनसनीखेज कदम से अनिल और उसके परिवार और समाज के लोग हतप्रभ है। 

अनिल अपनी बेटी के इस कदम से मर्माहत होकर बोले........"अगर बेटी ने कहा होता, तो वो उसकी शादी उसके प्रेमी मोहन से ही करवा दिये होते, यह झूठी कहानी गढ़ने की क्या जरूरत थी?"

अपने दर्द को बयां करते हुए अनिल फफक पड़े और फिर बोले- "मैं अपनी बेटी काजल से बहुत प्यार  करता था। अत्यधिक दुलार करना ही मेरा गुनाह था कि उसने ऐसा कदम उठाया कि पूरा परिवार सदमे में है। माना कि मैं सख्ती और अनुशासन में बच्चों को रखता था, ताकि बिन माँ के बच्चों को अच्छा संस्कार दे सकूँ। यदि काजल थोड़ा सी भी भरोसा अपने पापा, यानि मुझपर की होती, तो मैं खुद राजी-खुशी उसकी शादी मोहन से ही   धूमधाम से करवा देता। मुझे तो मोहन के बारे में पता भी नहीं था और इसकी भनक तक नहीं थी कि काजल किसी से प्यार करती है। मुझे तो फोटो देखकर लगा कि मेरी बेटी की हत्या हो गई । लेकिन जब बरामद हुई और कहानी सामने आई, तो उससे भी बड़ा दुख हुआ।" 

उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटी इतना बड़ा साजिश कर सकती है।

ऐसे में इस घटना से उबरकर उनके सामने परिवार को संभालने की बड़ी चुन्नौती खड़ी हो गई है। 

उनके मुंह से निकला - "काश बेटी तुमने एक बार मुझपे भरोसा किया होता...अपने पापा पर।" 


     

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