"क्षमा वीरस्य भूषणम्"

भावना ठाकर 'भावु'

समय के चलते हर चीज़ में परिवर्तन पाया जाता है, आजकल इंसान के स्वभाव में भी घोर परिवर्तन की असर दिखती है। रजोगुण कहीं दिखता ही नहीं, वाणी में ॠजुता दम तोड़ रही है। हर किसीके दिमाग तामसी होते जा रहे है, हर छोटी बात पर लोगों को गुस्सा आ जाता है। बदले की भावना पनपती है और मरने मारने पर उतारू हो जाते है। तुच्छ बात पर खून खराबा हो जाता है, लाठियां चलती है और बात अदालत तक पहुँच जाती है। भाई, भाई का दुश्मन बन जाता है बाप बेटे के रिश्ते बिगड़ जाते है।

मानवीय गुणों में एक गुण है "क्षमा" कहा जाता है कि "क्षमा वीरस्य भूषणं, क्षमा वाणीस्य भूषणं" क्षमा साहसी लोगों का आभूषण है और क्षमा वाणी का भी गहना है। किसी के उपर गुस्सा करना,दंडित करना या डाँटना आपके बल को नहीं दर्शाता बल्कि आपके स्वभाव का प्रदर्शन होता है।

शास्त्र कहता है कि बलवान वो नहीं जो किसी को दण्ड देने का सामर्थ्य रखता हो  बलवान वो है जो किसी को क्षमा करने का साहस रखता हो। अगर आप किसी को क्षमा करने का साहस रखते हैं तो सच मानिये कि आप एक शक्तिशाली शख़्सीयत के मालिक है। आसान नहीं क्षमा करना, सामने वाले की गलती को भूलना पड़ता है और खुद के अंदर भरे ज्वालामुखी पर पानी डालना पड़ता है, तब क्षमा का भाव उद्भव होता है।

माफ़ करने से या माफ़ी मांगने से कोई छोटा नहीं बन जाता बल्कि माफ़ी मांगने वाला और माफ़ करने वाला सामने वाले की नज़र में सम्मानिय बन जाता है। अहं के टकराव में दोस्ती, रिश्तेदारी और परिवार टूटते देखे जा रहे है।

आजकल परिवारों में अशांति और क्लेश का एक प्रमुख कारण यह भी है कि हमारे ज़ुबान से क्षमा नाम का गुण लगभग गायब सा हो गया है। किसीको अपनी गलती का अहसास होता ही नहीं। कमियां सब में होती है, अगर हर रिश्ते को सामने वाले की कमी और खूबी दोनों के साथ अपनाएंगे तो रिश्ते बिगड़ने की नौबत ही नहीं आएगी। किसीकी गलती पर क्षमा करके देखिए और अपनी गलती पर माफ़ी मांगना सीखिए सच में खुद के भीतर शांति का भाव उत्पन्न होगा। क्षमा का आभूषण धारण करके देखिए जीवन की बहुत सारी समस्याओं से बच जाओगे। साथ ही अपनों की नज़रों में सम्मान पाओगे।

(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

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