बारिश

 


रोशनी किरण 

तेरी बारिश में प्रभू , बह जाए सब रोग ।

जनजीवन फिर हो शुरू , हो ऐसा संयोग ।।

हो ऐसा संयोग , करो प्रभु अपनी किरपा ।

कोरोना का काल , प्रभू जी क्यों है बरपा ?

कहे " किरण" कर जोर , हुए अब हम लावारिस ।

बह जाए यह रोग , सभी , प्रभु तेरी बारिश ।।


_____ रोशनी किरण 

         २७ जून २०२१

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