भारत हिन्दूराष्ट्र घोषित नहीं हुआ तो जलसमाधि लेंगे जगतगुरु परमहंस महाराज

 


ब्यूरो रिपोर्ट

जौनपुर: भगवान राम के अवतरण स्थल अयोध्या के तपस्वी की छावनी के महंत जगदगुरु परमहंस महराज ने कहा कि विश्व पटल पर सनातन धर्म के नाते ही भारत की अलग पहचान बनी हुई है। लेकिन राजनैतिक महत्वाकांक्षा और तुष्टीकरण की ओछी राजनीति के चलते सनातन धर्म की उपेक्षा हो रही है। मौकापरस्तो के द्वारा देश की अस्मिता से किए जा रहे खिलवाड़ के चलते संतो को विवस होकर आगे आना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं किया गया तो वे जल समाधि लेकर अपने प्राण त्याग देगे। श्री महाराज ने उक्त बातें महमदपुर गुलरा गांव में पत्रकार प्रमोद पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन की पूर्व संध्या पर बतौर अतिथि कही। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र की घोषणा के साथ साथ यहां जितने भी अन्य धर्मो के लोग रह रहे हैं, उनकी नागरिकता समाप्त कर वे जब तक देश में रहे, उन्हे शरणार्थी बना दिया जाय। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगामी गांधी जयंती दो अक्टूबर को अयोध्या के सरयू नदी में जल समाधि लेकर अपने प्राण त्याग देंगे। सनद रहे कि वर्ष 2018 में भी इन्होंने अयोध्या में मांस और शराब की बिक्री रोकने को लेकर एक पखवाड़ा से अधिक दिनों तक आमरण अनशन किया था। स्वयं मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथो से जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया था। श्री महराज बात मान कर मंदिर परिक्षेत्र से ऐसी दुकानें हटा दी गई थी। 

कथा ब्यास प्रयागराज से पधारे डाक्टर नरेंद्र त्रिपाठी जी महराज ने प्रवचन के माध्यम से मानव जीवन का उद्देश्य और उनके मूल्यो पर बेहतर प्रकाश डाला। इस मौके पर बिधायक रमेश मिश्रा, मयाशंकर तिवारी, अजीत सिंह, सत्यनारायण सिंह, पूर्व प्रधान दयाराम उपाध्याय, सुरेश तिवारी, रतीलाल नाविक, सदापति तिवारी, वशिष्ठ पाठक आदि मौजूद रहे। आयोजक संजय पांडेय ने आगंतुको के प्रति आभार प्रकट किया।

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