ग़जल



साधना कृष्ण

अर्ज कोई करें लाख क्या फायदा।

मनचलों पे फिरे आँख क्या फायदा।।


हो जहाँ आपकी अहमियत ही नहीं।

तो दिखानी पड़े शाख क्या फायदा।।


बोलकर गर जताना पड़े इश्क है।

फिर बहाना करें लाख क्या फायदा।।


घर नहीं जब बनाये परिन्दें कभी।

पेड़ चाहे बड़ा शाख़ क्या फायदा।।


दे सकी तुम हवा ओ दवाई नहीं।

फेंक के फिर नदी राख क्या फायदा।।

 

Popular posts
दि ग्राम टुडे न्यूज पोर्टल पर लाइव हैं अनिल कुमार दुबे "अंशु"
Image
भोजपुरी भाषा अउर साहित्य के मनीषि बिमलेन्दु पाण्डेय जी के जन्मदिन के बहुते बधाई अउर शुभकामना
Image
अंजु दास गीतांजलि की ---5 ग़ज़लें
Image
सफेद दूब-
Image
नारी शक्ति का हुआ सम्मान....भाजपा जिला अध्यक्ष
Image