इंटरनेट और नेटवर्किंग साइट्स

नीरज कुमार सिंह

फेसबुक, और व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम ,आज हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं।ऐसे तमाम नेटवर्किंग एप है।जिनके गिरफ्त में हम बहुत ही तेजी से आते जा रहें हैं।इतना तमाम एप को हमने अपने जीवन में खाना पानी की तरह जरूरी समझ लिया है ।ये नेटवर्किंग साईट जितने उपयोगी हैं ,कही उससे अधिक घातक भी ।खासकर उन नवयुवकों के लिए जो अभी भविष्य की राह तय कर रहे हैं।वो युवक युवतियां जो अभी अध्ययनरत हैं ।वो तो इन 

नेट वर्किंग साइट का उपयोग इस कोरोना काल के भयावह स्थिति में आपने अध्ययन में यूज कर रहे हैं।मगर कहते हैं ना हर सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक वैसे ही है इस नेटवर्किंग साईट का भी है ।कुछ युवा जहां इनका उपयोग करके अपने ज्ञान को बढ़ा रही है।तो युवाओं का एक बड़ा तबका इस नेटवर्किंग और इंटरनेट एप का प्रयोग सिर्फ मनोरंजन हेतु कर रही है जो आने वाले भविष्य के लिए घातक होगी ।एक तरह से देखा जाए तो पहले संयुक्त परिवार वाली व्यवस्था खत्म हो गई तो घर दो बच्चे मां बाप ही रह जाते हैं ,ऐसे में जब बच्चे अपने पैरो पर खड़े हो जाते हैं तो,दूर देश विदेश में नौकरी को चले जाते हैं ,वही मां बाप अपने स्वदेश प्रेम वश नही जाते तो ऐसे नेटवर्किंग एप बच्चो से बूढ़े मां बाप से मिलवाने का जरिया होता है। इसी के विपरीत आजकल मोबाइल नंबर हैक करके किसी के मेहनत की कमाई को कुछ हैकर तुरंत खंगाल के ख्लास का देते हैं।इस तरह से हमें किसी को भी अपने आधार नंबर , ए टी एम का पिन आदि साझा नही करनी चाहिए । नहीं किसी को अपने खाते नंबर आदि का ब्योरा देना चाहिए ।अन्यथा बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।


नीरज कुमार सिंह

देवरिया यू पी

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