बहादुर लड़कियां

मधु अरोड़ा

एक गांव था सुंदर नगर वहां पर रेखा अपनी दो लड़कियों और पति के साथ रहा करती थी । पति दिनेश शहर में नौकरी करता था ।एक दिन सुबह सुबह रेखा अपनी लड़कियों से बोली ,साक्षी प्राची मैं तुम्हारी मौसी के घर जा रही हूं ।मां क्या हम भी साथ चल‌ रहे‌ है ?नहीं मेरी बेटी इस समय बीमारी का टाइम चल रहा है ,चारों तरफ कोरोना ने पांव पसार रखा है । तुम दोनों घर पर रहो ,तुम्हारी मासी की तबीयत ठीक नहीं है। मैं दो-तीन दिन में लौट आऊंगी।मैंने तुम लोगों के लिए फ्रिज में तुम्हारी पसंद का पेस्ट्री आइसक्रीम रख दी है खा लेना !मां क्या हमें इतने दिन अकेले रहना पड़ेगा ?हां मेरी बच्ची अभी तुम्हारे पापा भी नहीं आ पा रहे ,तुम दोनों ध्यान से रहना आपस में लड़ना झगड़ना मत! वह दोनों अपनी मां से कहते हैं हम आपकी हर बात का ध्यान रखेंगे ।

लेकिन कोई परेशानी आ गई क्या करें ?उनकी मां एक शहद का डब्बा देती और बोलती है बच्चों यह जादुई शहद है अगर इसको कोई दो बूंद चाट लेगा तो वह अपने आप सब भूल जाएगा ।लेकिन मेरी बच्चों तुम इसे गलती से भी मत खा लेना।कभी तुम मुझे ही पहचानने से इंकार कर दो।वह कहती है अच्छा मां हम ध्यान रखेंगे।

    रेखा अटैची लेकर घर से निकल जाती है रास्ते में दो चोर चीनू और दीनू उसको जाते हुए देख लेते हैं।और योजना बनाने लगते हैं';अरे रेखा देखो कितनी बड़ी अटैची लेकर जा रही है लगता है कई दिनों में आएगी।क्यों ना आज रात को इसके घर चोरी करें इसका टीवी फ्रिज गहने चुरा लेते हैं? 

    चीनू बोलता है इसके घर में इसकी लड़कियां तो है फिर हम चोरी कैसे करें अरे वह तो छोटे हैं उनसे क्या डरना मैं तो कोई मीठी गोली खिलाकर या चॉकलेट देकर सुला देंगे दोनों मिलकर रेखा के घर चोरी करने की योजना बना लेते हैं।और रात का इंतजार करने लगता है।

    साक्षी और प्राची मां के जाने से खुश हो जाती है साक्षी कहती है मैं तो अपना नए नए कपड़े पहनूंगी और अच्छा अच्छा खाना बना कर खाऊंगी ।

  प्राची कहती मैं तो खूब टीवी देखूंगी‌और सोऊंगी।

     रात को वह दोनों चोर घर की छत पर जाकर छत से पत्थर निकाल कर झांकते हैसाक्षी प्राचीकी खट खट की आवाज से आंख खुल जाती है दोनों घबरा जाती हैं रांची बोलती है शायद कोई भूत आ रहा है प्राची बोलती है भूत भूत कुछ नहीं होता मां कहती थी ना ।शायद कोई चोर घर में घुस रहा है सांची तो अब हम क्या करेंगे ?प्राची रसोई में जाकर दो पेस्ट्री और उस पर थोड़ा सा शहद डाल देती है। दोनों बहने पलंग के नीचे छुप जाती हैं दोनों चोर अंदर आ जाते हैं चीनू को भूख लगी हुई होती है वह इधर-उधर करने नजर दौड़ा कर अपने दोस्त से बोलता है पहले आओ पहले पेस्ट्री खा लेते हैं चोरी तो हम आराम से कर लेंगे फिर वह पेस्ट्री उठाकर खा लेता हैं लेकिन दूसरा चोर नहीं खाता प्राची साक्षी से बोलती है अरे अब हम क्या करेंगे दूसरे चोर ने तो पेस्ट्री खाई नहीं अब हम क्या करेंगे ?प्राची बोलते तुम घबराओ नहीं ,दूसरा चोर दूसरे कमरे में जाता है ।प्राची पलंग कि नीचे से बाहर आ जाती है चोर बोलता है मैं कौन हूं मैं यहां कैसे आया ?प्राची बोलती है आप तो पुलिस वाले अंकल है।यह लो आपकी बंदूक और आपका डंडा उस कमरे में चोर है आप उसको पकड़ लो ।

     चीनू दूसरों कमरे में जाता है और दीनू कोडंडे से मारता रहता है डंडे की चोट से दीनू बेहोश हो जाता है ।पीछे से साक्षी चीनू के सिर पर डंडा मारती है चीनू भी बेहोश हो जाता है । दोनों मिलकर दोनों को बांध देती है ।सुबह पुलिस आ जाती है पुलिस कहती है बच्चों ! तुमने बहुत बहादुरी का काम किया ,इन चोरों की हमें बहुत दिनों से तलाश थी। इन्होंने पूरे गांव के नाक में दम कर रखा था इतने में रेखा भी आ जाती है। पुलिस वाले और रेखा अपने बच्चों को बहुत प्यार करते हैं ।रेखा कहती है लो मैं तुम्हारे लिए पेस्ट्री लाई हूं। अरे मां आप आ गई

पुलिस दोनों चोरों को पकड़ कर ले जाती साक्षी और प्राची की सब गांव वाले तारीफ करते हैं ।कहते हैं दोनों बहुत बहादुर लड़कियां हैं ।

रेखा अपनी लड़कियों को गले लगा लेती है लड़कियां कहती हैं मां यह आपके जादुई शहद का कमाल है जो यह दोनों चोर पकड़े गए और तीनों खुशी-खुशी गले लग जाती है।

                             दिल की कलम से

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