ग़ज़ल

    


अंजु दास गीतांजलि

उस गली से नहीं  मतलब जिस गली में मुझे रहना नहीं  

आह  भर कर भी मैं तड़पूं सामने तुम कभी आना नहीं । 


दिल से हाँ दिल से तेरी यादों को मिटने नहीं दूंगी कभी 

मेरी  यादों  में  कभी  करवट बदलकर सुनो  रोना नहीं । 


हूँ  बहुत हैरा  परेशां  पर   करूँ  अर्ज़   इतनी   तुम  से

आए   जाए   कोई  मौसम  साथी  मेरे बदलजाना नहीं।


चाँद  में अपने लगा धब्बा मगर फिर भी रोशन जहां ये 

गुल  ए  तस्वीर का सौदा भूलकर भी कभी करना नहीं । 


एक साया हूँ फ़क़त मैं जिस्म का और कुछ भी तो नहीं

अंजु की पाक  मुहब्बत  को  कभी  भूले  भूलाना नहीं।

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अंजु दास "गीतांजलि"

पति - श्री संजय कुमार दास

शिव शक्ति नगर ,पंचायत भवन

नेवालाल चौक , पूर्णियाँ ( बिहार )

पिन नं -854301

मोबाइल नं -9471275776 

.............- 7091521212

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