गोपाल शर्मा 

आपसे नहीं साहब आपकी बातों से डर लगता है।

बात आज करों, कल की बातों से डर लगता है।।

कुछ तो रहम कर ऐ रहबर 


आपकी रहम दिली से डर लगता है।

बातों जुमलों में न करों, 

आपके इरादों से डर लगता है।।

हवा भी कातिल हो गई 

साहेब ओर सब ख़ामोश है।

आपकी खामोशी से नहीं, 

कातिल मुस्कान से डर लगता है।।

गोपाल शर्मा 

शिवपुरा खेडा (सांवेर)

 इन्दौर 9926946808

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