अब तू ही लुटेला बाकी रहल ह ए दादा

 



आज भोरे भोरे दूधरिया आएल ह ।

हम दूध लेवे गइनी ह त पूछलस ह। "मलकिनी ,

रउरा इम्यूनिटी बढ़ावे वाला दूध लेवे के बाटे का ,किलो पर बीस रुपया बेसी पड़ी। हम कहनी ,आंए ई कइसन दूध होला दादा।

दूधरिया कहलस ह हम ऊ गइया के रोज सबेरे

 गिलोय, तुलसी,अदरक, अजवाइन, लौंग,गोल मरीच, के काढा पीआइले ।आ भोरे से ले के सांझिले गवत के संगे संगे दु किलो नारंगी आ एक किलो निमो खिआइले।भोरे भोरे दु घंटा घाम में बान्हिले ।

   हम मुड़ी पीट लेनी ह ,अब तू ही लुटेला बाकी रहल ह ए दादा। 

आशा सिंह

मोतिहारी पूर्वी चंपारण बिहार

०९/०५/२०२१

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