ग़ज़ल

   


रोशनी किरण 

रूठ कर यूं सनम तुम न जाया करो ।

रूठ जाऊं अगर तुम मनाया करो ।। १ ।।


ज़िन्दगी के सफ़र में तुम्हीं हमसफ़र _

साथ तुम भी ज़रा _सा निभाया करो ।। २ ।।


बात दिल की तो हमको बता दो सनम _

मन में रख के न यूं छटपटाया करो ।। ३ ।।


दिल तुम्हारे सिवा और लगता नही _

इस तरह से न तुम दिल दुखाया करो ।। ४ ।।


गर खता हो गई हो तो मुझ से कहो _

दूर जाकर न यूं आजमाया करो ।। ५ ।।


रूठ जाना हमें ठीक लगता नहीं _

राज हमसे न ऐसे छुपाया करो ।। ६ ।।


आइना हूं तुम्हारा इधर देखिए _

इक झलक इस " किरण " को दिखाया करो ।। ७ ।।

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