"दीप जलायें"

महेंद्र देवांगन "माटी"

चलो चलें हम दीप जलायें, खुशहाली सब आये।

भूले भटके राहजनों के, लाठी हम बन जायें।।


दूर करें अंधेरा सबका, खुशियाँ हम सब लायें।

झूम उठे अब सारी धरती, गीत खुशी के गायें।।


आओ मिलकर पेड़ लगायें,  हरियाली हम लायें।

अपनी धरती अपनी माटी, सुंदर स्वर्ग बनायें।।

महेंद्र देवांगन "माटी"

पंडरिया

जिला - कबीरधाम

छत्तीसगढ़


Mahendradewanganmati@gmail.com


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