चाय

 

नीरज कुमार सिंह

पेय है चाय

सिर दर्द मिटाए

सबको भाय ।



चाय की प्याली

रिश्ते लाए करीब 

बड़ी ही आली


भूले भटके

सब करीब आओ

चाय गटके।


चाय की प्याली

 ये गुस्से को मिटाए

 बड़ी निराली


चाय पीता हूं

मिठास को भरके

मै जीता हूं।



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