वायु -वीर राफेल श्रेष्ठ ,जनमानस का अभिनन्दन हो

 

डॉ अनुज कुमार चौहान "अनुज"

चूमी है भारत की धरती ,

तिलक-भाल मय चन्दन हो ।

हे वायु-वीर राफेल श्रेष्ठ ,


जनमानस का अभिनन्दन हो ।।

नाम सुने दुश्मन घवराये ,

राह बनो वह वर्जन हो ।

स्वागत आकाश के दीप्तिमान ;

सदा आपका गर्जन हो ।।

पंखों का फैलाव तुम्हारा,

"सोने की चिडिया "को प्यारा ।

इतिहास सैन्य का बदलोगे,

तुम ही  हो आंखोँ का तारा ।।

दर्द दिये जिसने भी हमको ,

दु:ख दर्द-ए भंजन हो ।

हे वायु-वीर राफेल श्रेष्ठ,

जनमानस का अभिनन्दन हो ।।

अटल ,अडिग अपनी आजादी ,

आजाद अमिट पल गान करूँ ।

अडिग रहे आजादी तुमसे ,

तन-मन से सम्मान करूँ ।।

मजबूत और प्रतिबद्ध फलक ,

अभैध्य भारती वन्दन हो ।

हे वायु-वीर राफेल श्रेष्ठ,

जनमानस का अभिनन्दन हो ।।

आकाश ज्योति स्पर्श करो ,

यज्ञ पुण्य व्रत बनना ।

विष्णुगुप्त के चन्द्रगुप्त हो ,

भारत अखंड का सपना ।।

तुम ही हो सम्पूर्ण हिमालय,

स्वयं मारूती नंदन हो ।

हे वायु-वीर राफेल श्रेष्ठ ,

जनमानस का अभिनन्दन हो ।।

चेतक जैसी रहे वीरता ,

लक्ष्मीबाई की तलवार बनो ।

गांधी की बनकर के लाठी ,

शेखर भगत की ढाल बनो ।।

सृजन "अनुज "का हो ऐसा ,

दुश्मन के घर में क्रंन्दुन हो ।

हे वायु-वीर राफेल श्रेष्ठ ,

जनमानस का अभिनन्दन हो ।।


डॉ अनुज कुमार चौहान "अनुज"

अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश )

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