कवियित्री हरप्रीत कौर की रचनाएं



जो बीत गई सो बात गई

जो बीत गई सो बात गई,

बीती बातों पर रोना क्या,

भूल जाओ हुआ जो,

उन पुरानी बातों को दोहराना क्या,

माना जख्म थे बहुत गहरे,

पर उनको याद करके रोना क्या,

जिंदगी चार दिन की,

फिर खफा किसी से होना क्या,

जो बीत गई वो बात गई,

अब करते है शुरुवात नई,

अच्छे कर्म करेंगे हम,

आगे बढ़ते रहेंगे हम,

कुछ नया कर के दिखाएंगे हम,

इंसानियत का फर्ज निभायेगे हम,

चाहे कुछ भी हो जाए,

संसार को कुछ देकर जाएंगे हम।


 एहसास


एहसास हूं मैं,

कोई चीज नही हूं मैं,

जिसे तुम छू सको,

पकड़ सकों,

केवल एक एहसास हूं।

जिसे तुम महसूस कर सको,

अगर तुमने महसूस कर लिया,

फिर भी तेरे हाथ न आऊंगी,

चाहोगे अगर छूना,

फिर भी न छू पाओगे।

मैं सिर्फ तुम्हारे दिल में रहूंगी,

तुम्हारी सांसों में धड़कूंगी,

तुम्हारे संग जिऊंगी,

तुम्हारे संग मरूंगी,

क्योंकि एक एहसास हूं मैं।


औरत


औरतें शक्ल से,जिस्म से ही नही सुंदर होती,

औरतें दिल से भी सुंदर होती है।

अगर उनका कोई प्यार ठुकरा दे

तो वो किसी पर तेजाब नही फेकती

वो किसी का दिल नहीं दुखाती।

वो अपने मां बाप से ऊंची आवाज में

बात नही करती।

वो सचमुच सबका ध्यान रखती है

वो इसलिए भी सुंदर होती है,

क्योंकि वो किसी लड़के को दहेज से

प्रताड़ित करके उसे जलाती नही है।

वो अपने पति के देर से आने पर उस पर शक नहीं करती।

बल्कि उसकी फिक्र करती है।

वो अपनी जिंदगी से समझौता भी

इसलिए करती है।

उसको अपने बच्चो के उज्जवल भविष्य की चिंता होती है।

औरत कभी भी शराब पीकर अपने पति को नही मारती।

बल्कि उसको इन बुरी आदतों से दूर रहने के लिए समझाती है।

वो इसलिए भी खूबसूरत होती है,

वो किसी लड़के का बलात्कार नहीं करती।

औरते इतनी सहनशील होती है,

वो आदमी का थप्पड़ भी बर्दाश कर लेती है।

पर आदमी उनकी ऊंची आवाज भी सुन नहीं सकता।

वो सबको प्यार देना जानती है,

सचमुच औरत बेहद खूबसूरत होती है।


दुनिया


कैसी है ये दुनिया कैसे है ये लोग,

भाई,भाई आपस में न करते सहयोग,

मंदिर में पूजा करते,घर में कलेश,

बाहर करते जागरण,भंडारे

घर में भूखे बैठे मां बाप बेचारे।

कैसी है आज की दुनिया,कैसे है ये लोग,

फुटपाथ पर भूखे मरते है लोग,

पत्थरों पर चढ़ते है छप्पन भोग।

कोरोना महामारी से त्रस्त है लोग,

फैला है अंधेरा आडंबर का चारों और

कलयुग की इस धरा से ये बीमारी,

कौन हटाएगा।

आज की इस दुनिया को सबक कौन

सिखाएगा। 


कलम


मेरी कलम वही लिखती है,

जो मैं लिखना चाहती हूं,

सच,झूठ जो मेरे दिमाग में आता है,

वही मेरी कलम लिखती है।

कलम रोते हुए को हसाती है,

अन्याय से लड़ना सिखाती है,

हक से जीना सिखाती है,

पूरे देश में बदलाव लाती है,

कलम में इतनी शक्ति है,

वे झूठे का पर्दा फाश करती है।

कलम किसी की जान ले सकती है,

किसी की जान बचा सकती है,

कलम कभी अपनी लेखनी से

अंगार बरसाती है तो कभी अमृत,

कलम कभी शांति का संदेश देती है,

तो कभी युद्ध करा देती है कलम।

ए कलम तेरी लेखनी को मैं करती हूं

शत शत नमन।


संघर्ष

जीवन एक संघर्ष है,

इसमें कभी सुख के फूल खिलते है

तो कभी दुख के कांटे चुभते है।

पर जो इन सब परिस्थितियों को पार

कर जाए वही मंजिल तक पहुंचता

है।

जो डर कर इन सब परेशानियों से भागता है,

वो रास्ता भटक जाता है।

संघर्ष से बच पाना संभव नहीं है।

संघर्ष के बिना आपको कुछ नही मिलता,

अगर आपको जीना है तो भागना पड़ेगा।

संघर्ष है तो जीवन है,जीवन से लड़ने

के लिए हमें संघर्ष करना पड़ेगा,

और बाधाओं से लड़ना पड़ेगा।

 

सपनों की उड़ान


मुझे भरनी है अपने सपनों की उड़ान,

चाहें आएं आंधी तूफान,

जानती हूं मैं नही हूं इतनी गुणवान,

फिर भी पूरे करने चाहती हूं अपने अरमान।

हथेली पर रखती हूं अपने सपने,

आसमां को छूने का दम रखती हूं,

सपनों की उड़ान भरना चाहती हूं,

मेहनत कितनी है करनी,नही है इसका

अनुमान,

अब मुझे रोकना नहीं है आसान,

मेरे सपने ही मेरा अरमान,

इन सपनों को पूरा करने में लगा

दूंगी मैं अपनी जान,

क्योंकि मुझे भरनी है सपनों की उड़ान,

इक दिन मां बाप को भी होगा मुझ पर गुमान,

सारी दुनिया गायेगी मेरे गुणगान,

मुझे भरनी है सपनों की उड़ान।


असफलता एक चुनौती


असफलता से ही मिलती है सफलता,

असफलता एक चुनौती है,

जो लक्ष्य को पाने के लिए,

हमें संघर्ष करना सिखाती है,

हमारा आत्मबल बढ़ाती है,

हर परिस्थिति में जीना सिखाती है,

असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है।

असफलता ही हमें आगे बढ़ना सिखाती है,

असफलता से हम सबक सीखे,

आगे बढ़ने का, 

हिम्मत और हौंसले से,

कैसे अपना जीवन सवारें,

एक दिन सफलता कदम चूमेगी,

ये विश्वास दिखाना है,

हमें असफलता से लड़ना है,

हमे असफलता के आगे झुकना नहीं है

हमे सफल होकर दिखलाना है।


 सेवा


एक दिन एकांत में,

अपने को देखा बहुत करीब से,

कि मानव जीवन मिलता बहुत

नसीब से,

आया है संसार में,

सेवा के लिए,

परम सुख मिलेगा,

तुझे सेवा के लिए।

ईश्वर को सब पूजते,जाते मंदिर,मस्जिद धाम।

पर मात,पिता के चरणों,

में बसते है भगवान,

माता,पिता की सेवा से,

प्रसन्न होते भगवान।

भूखे को रोटी खिला,

प्यासे को पिला पानी,

उनके आशीर्वाद से तुझे कभी न होगी हानि।

मानव सेवा सच्ची सेवा,

जो करें तो सुख पाए,

परम शांति मिले,

जन्म सफल हो जाए।


 उम्मीद एक ऊर्जा


उम्मीद कहने को छोटा सा लफ्ज़

पर जीने के बहुत काम आती है उम्मीद

 हमारी हर इच्छा पूरी करने में

हमारा साथ देती है उम्मीद,

आगे बढ़ने का साहस देती है उम्मीद

हमारा हौंसला बढ़ाती है उम्मीद

नींद तो आती है,पर सोने नही देती उम्मीद।

जब हम सोच सोच कर थक जाते है

तो फिर सामने खड़ी हो जाती है उम्मीद।

उम्मीद हमें ऊर्जा देती है,

हर पल ऊर्जावान बनाएं रखती है उम्मीद।

जीवन को महकाती है उम्मीद,

जब अकेलापन लगे सब कुछ बेगाना सा लगे,

एक अलग एहसास कराती है उम्मीद

उम्मीद पर ही दुनिया कायम है,

उम्मीद का दामन कभी ना छोड़ना मेरे

दोस्तों,

ये बेगानो को भी अपना बना देती है उम्मीद।

आज मानव कोरोना से त्रस्त है,

सब ठीक हो जायेगा,ये यकीन दिलाती है उम्मीद।


 एहसास


एहसास हूं मैं,

कोई चीज नही हूं मैं,

जिसे तुम छू सको,

पकड़ सकों,

केवल एक एहसास हूं।

जिसे तुम महसूस कर सको,

अगर तुमने महसूस कर लिया,

फिर भी तेरे हाथ न आऊंगी,

चाहोगे अगर छूना,

फिर भी न छू पाओगे।

मैं सिर्फ तुम्हारे दिल में रहूंगी,

तुम्हारी सांसों में धड़कूंगी,

तुम्हारे संग जिऊंगी,

तुम्हारे संग मरूंगी,

क्योंकि एक एहसास हूं मैं।

हरप्रीत कौर

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