राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा " एक भारत श्रेष्ठ भारत " पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन 


चन्दौसी /सम्भल ।  महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा भारत सरकार के ' एक भारत श्रेष्ठ भारत ' कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के जुड़वां राज्य मेघालय व अरुणाचल प्रदेश के साथ एन. के. बी. एम. जी. (पी. जी.) कॉलेज चन्दौसी जनपद सम्भल की राष्ट्रीय सेवा योजना की नोडल अधिकारी डॉ. रीता व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सोमपाल सिंह व के संयोजन में उत्तर प्रदेश के पेयर स्टेट अरुणाचल प्रदेश व मेघालय की एतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रम *" इतिहास और संस्कृति की कहानी , स्वयंसेवकों की ज़ुबानी "* का जूम मीटिंग एप पर आयोजन किया गया । 


कोविड - 19 महामारी संक्रमण काल में उत्तर प्रदेश व भारत सरकार द्वारा निर्धारित उसके पेयर स्टेट मेघालय व अरुणाचल प्रदेश के स्वयंसेवकों के बीच भावनात्‍मक एकता के परम्‍परागत ताने-बाने को और मजबूत बनाने के उद्देष्य से आयोजित इस कार्यक्रम में तीनों प्रदेशों से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारीगण व स्वयंसेवकों ने देश की पौराणिक व ऐतिहासिक संस्कृति संबंधी तथ्य साझा कीं । सर्वप्रथम जे एस एच कॉलेज अमरोहा की स्वयंसेविका जूही यादव ने अमरोहा का इतिहास बताते हुुए कहा कि अमरोहा में पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय व्यतीत किया जिसके अवशेष वहाँ आज भी हैं । सम्भल की स्वयंसेविकाओं अदिति वाष्णेय व फाज़ला अलीम ने पृथ्वीराज चौहान के समय में नट मलखान सिंह द्वारा दीवार में स्थापित चक्की के पाट , तोता मैना की कब्र , बाबरी मस्जिद व हाथी दाँत के काम से सभी को परिचित कराया । बदायूॅ से स्वयंसेवक सर्वज्ञ गुप्ता व कुमारी रुचि द्विवेदी ने बदायूँ के विषय में अनेक पौराणिक व इतिहास संबंधी तथ्यों से परिचित कराया । उन्होंने बताया कि बदायूँ प्रथम महिला शासिका रज़िया सुल्तान की जन्मस्थली है । बुलन्दशहर के खुर्जा आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्वयंसेविका रेनू चौधरी ने बुलंदशहर में महाभारतकालीन उस तालाब के विषय में अवगत कराया जहाँ यक्ष देव ने युधिष्ठिर से उनके भाइयों का जीवनदान करने के लिये प्रश्न पूछे थे । रामपुर से अरहम अली खान, हबीबा फौ़ज़ खान ने वहाँ की नवाबी संस्कृति , रज़ा लायब्रेरी , रामपुरी चाकू , हैंडीक्राफ्ट आदि की जानकारी दी । बिजनौर से खान आतिया रफ़ी ने बताया कि बिजनौर कण्व ऋषि की आश्रम स्थली है यहाँ शकुंतला ने जन्म लिया , यह महात्मा विदुर की तपोस्थली है । स्वयंसेवक ललित हरि मिश्रा व काजल यादव ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में शाहजहॉपुर के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला ।


आरती सेंगर व दीक्षा रस्तोगी ने मुरादाबाद के विषय में बताया कि मुरादाबाद को शाहजहाँ के बेटे मुराद ने बसाया । 


नॉर्थ ईस्ट हिल यूनीवर्सिटी शिलाँग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ बी महापात्रा ने मेघालय की प्राकॄतिक व भौगोलिक दशा , संस्‍कृति तथा विरासत, खान-पान, हस्‍तकलाओं और रीति-रीवाजों पर अपने विचार साझा किये । उन्होंने बताया कि मेघालय में विश्व की सबसे बड़ी जीवित मातृवंशीय संस्कृति प्रचलन में है


मेघालय के अधिकांश लोग और प्रधान जनजातियां मातृवंशीय प्रणाली का अनुसरण करते हैं, जहां विरासत और वंश महिलाओं के साथ चलता है। कनिष्ठतम पुत्री को ही सारी संपत्ति मिलती है और वही बुजुर्ग माता-पिता और किसी भी अविवाहित भाई बहन की देखभाल भी किया करती है।


अरुणाचल प्रदेश से राजीव गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कला व संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक बर्मन ने वहाँ के प्राकृतिक सौन्दर्य व गीत संगीत के विषयमें जानकारी दी । उन्होंने अरुणाचली लोक संस्कृति पर लोकगीत भी प्रस्तुत किया । 


बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बाला लखेन्द्र ने आयोजक मंडल सहित स्वयंसेवकों व कार्यक्रम अधिकारियों को इस ज्ञानवर्धक व संदेशप्रद कार्यक्रम के लिये बधाई दी और इस सुंदर प्रयास की सराहना की ।


राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य सम्पर्क अधिकारी डॉ अंशुमाली शर्मा ने कहा कि " एक भारत श्रेष्ठ भारत " अभियान को सफल बनाते हुए इस प्रकार के कार्यक्रम सभी राज्‍यों के बीच रचनात्‍मक संपर्कों के माध्‍यम से राष्‍ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देंगे और देश की विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को पहचानने और उजागर करने में सहायक होंगे ।


राष्ट्रीय सेवा योजना उतर प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अशोक श्रोती ने उपस्थित अतिथियों व स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि रा से यो के स्वयंसेवक समाज में व्याप्त सभी प्रकार की समस्याओं के प्रति संवेदनशील तो हैं साथ ही वे कोरोना संकट की घड़ी मे भी देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति भी गौरव का अनुभव करतें हैं और इसे सभी के साथ साझा करते हुए उन्हें गर्वानुभूति होती है । डॉ श्रोती ने इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी स्वयंसेवक व स्वयंसेविकाओं को बधाई व शुभकामनाएँ प्रदान कीं ।


कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल व कार्यक्रम अधिकारी डॉ एकता चौहान , डॉ प्रकाश चौधरी , डॉ भूपेन्द्र कुमार , डॉ सरला चक्रवर्ती, डॉ नीति शर्मा , डॉ अनुपम स्वामी , डॉ अनुभा गुप्ता , डॉ प्रिया सिंह आदि उपस्थित रहे । रुहेलखण्ड विश्विद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी नोडल अधिकारियों डॉ प्रीति पांडेव, डॉ शबाना साजिद , डॉ धनंजय सिंह , डॉ राकेश जायसवाल , डॉ नरेन्द्र बत्रा , डॉ पीयूष शर्मा , डॉ रामकुमार सहित डॉ चिन्मय राय , डॉ प्रगति सक्सेना, डॉ पंकज कुमार सिंह, डॉ रजत गंगवार, आदि की विशेष सहयोग रहा । कार्यक्रम का संचालन डॉ रीता ने किया ।


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