मुझे चमकना है एक रोज़

 



बुलंदियों के शिखर पे पहुँचना मेरा जुनून,


तप्ती धूप में दौड़ता पर रहता हरदम मौन ।


 


चुनौतियों से लड़कर हीरा बनना मेरा शौक,


सूरज की ही तरह मुझे चमकना है एक रोज़।


 


लक्ष्य हासिल करना ये मेरा मूल मंत्र उद्देश्य


ध्यान में रहना हर पल पर फ़कीरी मेरा वेश ।


 


बंदे है उस रब के हम पर किसी का न ज़ोर ,


उम्मीदों को लेकर हमारी होती सुबह रोज़ ।


 


धैर्य भरा है मन में और ज़िद्दी साहस से भरपूर,


हर हालातों को मात देकर जीतने में परिपूर्ण ।


 


मंज़िल मेरी अपनी इन पे पहुँचना मुझे जरूर,


जलना तपना जगना सब है इसके लिए मंजूर।


 


चुनौतियों से लड़कर हीरा बनना मेरा शौक


सूरज की ही तरह मुझे चमकना है एक रोज़।


 


✍️आयुष्मान गिरि


   बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)


ayushmangiri07@gmail.com


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