ग़ज़ल


हिस्सेे में मेरे लेकिन बस इंतजार आया


कैसे कटेगा ये दिन दिल तो पुकार आया


 


छोड़ो पुरानी बातें अब तो गले लगा लो


आके करीब मुझको कितना करार आया


 


बातों में तेरे जादू है कितना तू ना जाने


आंखें जो बंद कर लूं तेरा दिदार आया


 


मैंने तो आज ये दिल मुश्किल से है संभाला


भींगे हुए मौसम में फिर से बहार आया


 


तेरी ही धड़कनों ने कह दी है ये कहानी


तन्हा ना जी सकेंगे मुझे ही प्यार आया


 


किरण झा


✍🏼✍🏼 स्वरचित


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