बनोगे महान


बनना हो यदि महान


तो करो पहले आत्म-सम्मान


फिर करो दूसरों का सम्मान


जिससे मानव होत महान। 


 


सत्य को करो हमेशा मान


असत्य जैसे दूर समान


सद् गुण का करो पान


दुर्गण से होत अपमान


 


सु -संगति है इसकी जान


सद्-विचार है इसकी पहचान


सही पुस्तक पढ़ने को ठान


जिससे होत सत्य की ज्ञान। 


 


जिसके विचार में है जान


वही बनाता है एक नई पहचान


सीखो हमेशा कर्म की ज्ञान


जिससे जीवन होत महान। 


 


देखो सब को एक समान


छोटा, बड़ा, बच्चा हो या नदान


सब को समझाअो समय की ज्ञान


जिससे सब होत महान। 


अभियंता प्रिंस कुमार


*सोनदीपी, बेगूसराय ( बिहार)* 


--8051827662


 


Popular posts
अस्त ग्रह बुरा नहीं और वक्री ग्रह उल्टा नहीं : ज्योतिष में वक्री व अस्त ग्रहों के प्रभाव को समझें
Image
आपका जन्म किस गण में हुआ है और आपके पास कौनसी शक्तियां मौजूद हैं
Image
परिणय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Image
गाई के गोवरे महादेव अंगना।लिपाई गजमोती आहो महादेव चौंका पुराई .....
Image
साहित्यिक परिचय : नीलम राकेश
Image