खुशियों भरा लफ़्ज  मायका


गर्दिश भरी धूप में जब कोई साया नही मिलता तब तेरा,  छाँव भरा आंचल बहुत याद आता है , माँ😘मेरा मायका🏡मुझे बहुत याद आता है।।



नये आंगन , नयी देहरी , पर जब कोई इंतज़ार करता नही मिलता , तब तेरा प्यार भरा,आशियां बहुत याद आता है, माँ😘मेरा मायका मुझे बहुत याद आता है।।



नए जीवन में , नए संघर्ष,नए रिश्ते तो कहीं नई कठिनाईयों को हँसते_2जब सहना नही आता , तब तेरे (माँ)अपमान के हर घूंट को हँस कर पीना,हर किसी की स्वार्थी  भरी प्यास को , अपने किये हुए समझौते से , मिटाना बहुत याद आता है , माँ🥰मेरा मायका मुझे बहुत याद आता है।।



नये बन्धन में बंध , हर तरह की सांसारिक युक्तियाँ को निभा ,जब खुद के लिए आज़ादी शब्द का अर्थ गुमनाम हो जाता है,और चाह भरी उड़ान के लिए जब परों को काट दिया जाता है,,तब तेरा जंजीर में जकडे हुए पैरों से भी सहनशक्ति भरी बुनियाद लिए आगे बढने का हौंसला बहुत याद आता है,,माँ🥰मेरा मायका🏡मुझे बहुत याद आता है।।



माँ🥰के घर लड़की को मेहमान होना पड़ता है, 7 फेरों में लड़की को यही तो महंगा पड़ता है,तब तेरा बहु से माँ होते हुए अमिट व्यवहार भरा किरदार नज़र आता है,,माँ🥰मेरा मायका मुझे बहुत याद आता है।।



खाने का शौक था,बनाने का नही,क्यो ना राज़ करती में अपनी माँ🥰 के घर ,वो एक बेटी का मायका था ससुराल नही,इन्ही न्याय संगत प्रसंग की पुष्टि में ससुराल का हर कोना अदालत में हुआ सवाल बन जाता है,, माँ😘मेरा🏡मुझे बहुत याद आता है।।



देखो रोना मत ,आईने के आगे खुद को खोना मत,याद कर घर को अपने जरा रूआसां होना मत ,इन सभी शब्दों को खुद में समेट दिल बहुत भर आता है,,माँ😘मेरा मायका🏡मुझे बहुत याद आता है।।



समाज की मर्यादा को साहिल देते हुए तेरा ये कहना कि वो तेरे अपने है,,अनजाने से हुई भुल को जब मेरा मायका🏡याद दिला ये कहा जाता है कि*तुम तो मन की करती हो *तब तेरे बतायी सच्चाइयों पर और मेरी अच्छाई पर सवाल बन आता है,,माँ🥰 मेरा मायका🏡 मुझे बहुत याद आता है।।



सोचा नही था जिन्दगी में ऐसे भी फसाने होंगे,,रोना भी जरुरी होगा और आँसू भी छुपाने होंगे,,भाग्य में चाहे ना जाने क्या लिखा हो,पर बेटियों के वास्ते मायका🏡वरदान बन जाता है,,माँ😘 मेरा मायका 🏡मुझे बहुत याद आता है।।



रिश्ते पुराने होते है ,मायका🏡पुराना नही होता,उस देहरी से जाना इतना आसान नही होता ,पर न जाने क्यूं ,एक अनोखा और मधुर सा रिवाज़ नज़र आता है,जहाँ जाते ही मन ,आँखे,झोली और मुट्ठी सब भर जाता है,,माँ😘मेरा मायका🏡मुझे बहुत याद आता है।।



जीवन मे अब ,वक़्त के साथ मिलकर जब चलना पड़ता है, तब तेरा हाथ थाम हर सफ़र को यूं बेफिक्र तय करना बहुत याद आता है, माँ🥰मेरा मायका🏡मुझे बहुत याद आता है।।



आज जबअपनी ग्र्ह्स्ती में रहकर, बिना किसी मूल्य के, सबकी सेवा के काबिल बन, निस्वार्थ बनना पड़ता है,तब मेरा विदा के लायक बन , तेरी देह्लीज़ पार कर, तेरे दिये प्यार, तेरी कांपती आवाज में, मेरा बे_ इन्तहां इन्तज़ार करना बहुत याद आता है, माँ 🥰मेरा मायका🏡 मुझे बहुत याद आता है।।


 


इसी तरह वक़्त का पहिया कुछ यूँ घूम जाता है,कि अपना ही घर अब मायका 🏡जैसे शब्द के अर्थ में परिवर्तित हो जाता है,,तब इस दोहरे जीवन को जीना , सयंम व सभ्यता भरे शब्द्कोश में बीत जाता है ,माँ🥰💞मेरा मायका 🏡मुझे बहुत याद आता है।।।💞👏🏻



@@@ वसुधा


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