समय


समय बलवान है, बड़ा कठिन हाल है।
कौन रोके कोरोना को, थोड़ा तो समझिए।।


काल चक्र घूम रहा,डर तो पनप रहा। 
कैसे बचायेंगे हम,राह तो दिखाइए।।


प्रभु मेरे गिरधारी, कष्ट हरो बनवारी।
अब तो सहारा तेरा,सबको बचाइए।।


रोजी रोटी तंग होगी,कैसी भुखमरी होगी। आपदा गरीबों की,उनको समझिए।।


स्वरचित पूनम दुबे "वीणा" अम्बिकापुर छत्तीसगढ़✍✍🙏


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