लाजो लजा जाला....


लाजो लजा जाला.., इनका बेशर्मी से... 


नाही कवनो लूर ढंग नहीं संस्कार बा
सुनस ना सुबात  इनकर गज़बे बिचार बा
मन कुम्हिला जाला... इनका बेशर्मी से... 


सास के बा सांस रूकल ससुर के कापार फुटल, 
इनकाला देख सगरी लफुवन के भीड़ जूटल
बात कहते रुन्हा जाला.., इनका बेशर्मी से.. 


नाही कवनो लाज, हाया, धरम ना मोह दाया
घर परिवार के इ तूरी देली सभ पाया
देखते बुझा जाला.. इनका बेशर्मी से.. 
लाजो लजा जाला... 


कहेलें बिजेंदर सांची केहु के ना मान बांची
 इज्जत उघारी सबके गारी देले नाची-नाची
डरते-डरते काहा जाला.. इनका बेशर्मी से.. 


लाजो लजा जाला.. इनका बेशर्मी से... 


बिजेंद्र कुमार तिवारी
बिजेंदर बाबू
गैरत पुर, मांझी
सारन, बिहार
मोबाइल नंबर:-7250299200


Popular posts
सफेद दूब-
Image
परिणय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Image
दि ग्राम टुडे न्यूज पोर्टल पर लाइव हैं अनिल कुमार दुबे "अंशु"
Image
गीता सार
मैं मजदूर हूँ
Image