मिर्जापुरी कजरी 

सखी कजरि के दीना नगिचान बा हियरा डेरान बा ना
पिया गवा हएन विदेश भेजे कउनो ना सनेस
लागे मनवां मां ठेसि छोडि देइं इहई देस 
नेहिया के लपटउना लपटान बा पतवा परान बा ना
सखी कजरि के दीना नगिचान बा हियरा डेरान बा ना
बदरा बरिसई झकझोर अब पिरावई कोरे कोर
झूला महुआ के डार पेंग मारई मना मोर
पिया बिना मोरी रहिया बिरान बा सुखल ई परान बा ना
सखी कजरि के दीना नगिचान बा हियरा डेरान बा ना
आवई कऊनउं ना सनेस ऊ पराने कऊनई देश
देवता पितर हम मनाई सुनई हे सिरि गनेस
सन्झिया बितई ना बीतई बिहान बा मना अब बिरान भा ना
सखी कजरि के दीना नगिचान बा हियरा डेरान बा ना
♧♧♧♧♧♧♧♧♧♧♧
सम्पूर्णा नन्द द्विवेदी


लखनऊ


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