माँ शारदे वंदना

 



शारदे माँ मेरी ,तू है दयालु बड़ी
कृपा दृष्टि तेरी टले विपदा बड़ी


श्वेतवर्णी  है तू, हैं वीणा वादिनी
कष्टहरणी तू , है तू दुख तारिणी
सर्व आँखों के तू है सामने खड़ी
शारदे  माँ मेरी ,तू हैं दयालु बड़ी


विद्या की देवी कमल विराजती
स्वर्णिम मुकुट सिर पर साझती
छवि देख तेरी मिले शांति बड़ी
शारदे माँ मेरी,तू है दयालु बड़ी


घने मन के अंधेरे मिटाती है तू
बिछड़ों को गले  मिलाती है तू
तेरी करनी तेरी कथनी से बड़ी
शारदे माँ मेरी,तू है दयालु बड़ी


मांगे न कोई दौलत का खजाना
सुर सुधा तुम सभी को पिलाना
स्वर की देवी संगीतमयी है बड़ी
शारदे माँ मेरी, तू है दयालु बड़ी


रग रग में सदा तेरा ही वास रहे
बसेरा मेरा सदा तेरे ही पास रहे
श्रृद्धा मेरी माला  मोती में जड़ी
शारदे माँ मेरी, तू हैं दयालु बड़ी


सुखविन्द्र  तेरे दर्शन का प्यासा
भक्तो की माता पूर्ण कर आशा
आस्था  माँ हमारी तेरे दर पड़ी
शारदे माँ मेरी, तू है दयालु बड़ी


शारदे माँ मेरी ,तू है दयालु बड़ी
कृपा दृष्टि तेरी,टले विपदा बड़ी
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सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)


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