फणीश्वर नाथ रेणु : आज जन्मशती पर विशेष

 



जन्मशती वर्ष:4मार्च20 - 3मार्च 21
मिट्टी के गौरव:भारतीय ग्राम्य जीवन के अमर कथा शिल्पी थे बिहार के अररिया जिला के औराही हिन्गना गांव में जन्म।33वर्ष की उम्र में मैला आंचल जैसा कालजयी उपन्यास।कहानी मारे गए गुलफाम पर बासु भट्टाचार्य के निर्देशन में शैलेंद्र ने हिन्दी सिनेमा की अविस्मरणीय फिल्म बनाई-तीसरी कसम 1966 में ।


“कालजयी -रचना “


साहित्य के सदचरित्र चलचित्र निर्माण किया था 
भोला भाला इंसान दिखाया खाई तीन क़समें थी


कालजयी मैला आँचल वो रचना थी छा गई अंतरमन गहराई में अमिट छाप जनमन छोड़ गईं 


फ़णिश्वर अलंकृत किये पद्मश्री से थे 
वर्तमान स्थिति देख जब रेणू ने लौटाया था 


लोकहित परहित में जूझ रहे लोकनायक थे 
झूठे प्रहार दमन की पराकाष्ठा देश जूझ रहा था 
 
नही ले सकता ये गौरव सम्मान गाँधी की नगरी में 
कालजयी रचना कर पापश्री नही कहलाऊँगा 


साहित्य समाज का दर्पण धूमिल नही करजाऊँगा 
मिथला जनभूमि विद्यापती के गीत सुना जाऊँगा 


 अनिता शरद झा आद्या रायपुर छत्तीसगड़ 
हरीनगर मधुबनी


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